Anointing, Most Powerful, Secret

सर्वसामर्थी बनने का रहस्य

तो कुछ ऐसा हुआ – मैं मरकुस 1 पढ़ रहा था। जब मैं इसे पढ़ रहा था तो पढ़ते समय मुझे वो पद याद आया जहाँ यीशु खुद ये गवाही देते हैं की स्त्रियों से जन्म लेने वालों में यूहन्ना से बड़ा और कोई नहीं है। तब मैंने परमेश्वर से पूछा यूहन्ना इतना सामर्थी कैसे था ये मंं जानना चाहता हूँ। तब मैंने सोचा शायद इसलिए क्योंकि वो टिढ़ियाँ और जंगली मधु खाता था — और टिढ़ियाँ वचन में नाश करने वाली वस्तु को दर्शाती हैं और यूहन्ना नाश करने वाली वास्तु को खाता था इसलिए वो सामर्थी था। फिर मैंने सोचा शायद वो साधारण कपडे पहनता था या साधारण जीवन जीता था इसलिए वो सामर्थी था। तब मेरा ध्यान उस ओर गया, जहां उस ने कहा, कि मेरे बाद एक आनेवाला है, जिसकी जूती का बंध भी मैं खोलने के योग्य नहीं। मैंने अपने मन में महसूस किया, “हाँ, नम्रता, पर कैसे”?
और मुझे लगा कि मैंने सुना, “क्योंकि तुम उनकी शक्ति, उनकी क्षमता को पहचानते हो, और तुम उन्हें खुद को व्यक्त करने और प्रकट करने के लिए रास्ता बनाते हो”। दूसरों में सामर्थ को पहचानना और दूसरों में ईश्वरीय महिमा को पहचानना ही नम्रता है और इसी बात ने यूहन्ना को सबसे सामर्थी बनाया।

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