मन को नया करना एक प्रक्रिया है और यह एक निर्णय है जो आप रोज़ाना लेते है कि आप अपने विचारों को क्रूस पर जो कुछ हुआ है उसके साथ जोड़ें, न कि उन बातों से जो पहले आपके जीवन में हुआ था। उदाहरण के लिए, जब मैं व्यभिचार/पोर्नोग्राफी से संघर्ष करता था, तो मैंने उस बात पर विश्वास करना शुरू कर दिया जो पहले ही क्रूस पर हो चुका था। वह आदत पहले ही पराजित हो चुकी थी और क्रूस पर चढ़ा दी गई थी। तो, सच तो यह था कि मैं उस आदत पर पहले ही जीत पा चुका था। क्यों? जब मसीह मरा, तो मैं हर उस चीज के लिए मरा जिसके लिए वह मरा। अब, मैं उस सब के लिए जीता हूँ जिसके लिए वह जीता है। इसलिए मेरा विश्वास इस बात पर बना कि मेरे भीतर प्रभु की उपस्थिति को पोर्न या किसी अन्य बुरी आदत की आवश्यकता नहीं है जिससे हम संघर्ष करते है। लेकिन आप कहोगे, “यह जानने के बाद भी हम संघर्ष क्यों करते हैं”? क्योंकि हम यह समझने में विफल रहते हैं कि अब हमारे लिए सब कुछ उचित है। यही वह स्वतंत्रता है जो हमें मसीह में मिली है। लेकिन हर चीज हमारे लिए लाभदायक नहीं होती, इसलिए हम अपने स्वयं इच्छा से चुनाव करते हैं और वही करते हैं जिससे हमारे प्राण को लाभ होता है।
कई बार मैं जब सोशल मीडिया का उपयोग करता हूँ और अगर कुछ ऐसा दिख जाता है जो मेरे लिए लाभदायक नहीं है, तो मैं अपनी इच्छा का उपयोग करके कहता हूँ कि, “स्टेनली, अब तुझको इसकी आवश्यकता नहीं है”। यह अहसास मुझे इस वास्तविकता से अवगत कराता है कि मुझे वास्तव में इसकी आवश्यकता नहीं है। लेकिन ना कहकर आगे बढ़ने की सामर्थ सिर्फ परमेष्वर कि उपस्थिति के एहसास से आती है, जो हमारे भीतर है। प्रभु कि उपस्थिति में जीने और चलने का अभ्यास निरंतर किया करो।
पता है, जब हम अपने प्राण की लालसाओं और आग्रहों के आगे झुक जाते हैं, तो हम शैतान के घमंड को संतुष्ट करते हैं। हम दुष्ट के घमंड को दुलारते हैं जो कहता है, “नहीं, अभी सब कुछ पूरा नहीं हुआ है, मैं अभी तक हारा नहीं हूं”। यीशु सिर्फ हमारे पापों के लिए नहीं मरा वरन उसने पाप का नाश किया। वह जड़ से पाप से निपटा और हमेशा के लिए मिटा दिया। कुछ ऐसा करने की इच्छा या लालसा जो हमारे लिए लाभदायक नहीं है दुश्मन के अहंकार को संतुष्ट करना है। उसके झूठ के आगे मत झुकना। बिल जॉनसन कहते हैं, “जब आप झूठ पर विश्वास करते हैं, तो आप झूठ के कहने वाले को सशक्त करते हैं”। आप देखिए, वह तब होता है जब आप अपनी झूठी पहचान बनाने लगते हैं जो आप नहीं हैं। आपको निरंतर प्रयास करने और प्रयास करने के स्थान पर रहने के लिए नहीं बुलाया गया है।
हमें उस स्थान पर आना चाहिए जहां हम विश्वास करना और बोलना शुरू कर दें जो पहले ही हो चुका है। आपको इसे अस्तित्व में बोलकर लाना होगा। लेकिन पता है, जब एक बार हम बोलना और घोषणा करना शुरू करते हैं, तो उन बातों के बढ़ने का समय आता है। उसी स्थान में हमारे विश्वास की परीक्षा होती है। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। यीशु ने घोषणा की, “सब कुछ पूरा हुआ”। लेकिन प्रकटीकरण तीसरे दिन ही हुआ था। एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना थी जिसे हम नजरअंदाज कर देते हैं, ‘शनिवार’। क्या आप जानते हैं कि शनिवार को वहां क्या हुआ था? कुछ नहीं। सब कुछ शांत था। सबथ का दिन था और उस स्थान में सन्नाटा था। क्या आप जानते हैं कि शनिवार को आत्मा के क्षेत्र में क्या हो रहा था? कोलाहल। क्रूस पर बोला गया वचन अपने उद्देश्य को पूरा कर रहा था। हज़ारों साल पहले की गई हर भविष्यवाणी अपना मकसद पूरा कर रही थी। सही मायने में, “नरक में सारा नरक ही आ टूट पड़ा”। और अगले दिन, परमेश्वर का पुत्र फिर से जीवित हो गया। तो याद रखें, हमारे जीवन में अलग-अलग मौसम होते हैं। जब विश्वास करने और घोषणा करने का समय आता है, तो आप ऐसा ही करें। लेकिन जब चुप रहने और प्रतीक्षा करने का समय हो, तो इसे करें। इन मौसमों में अपना विश्वास मत खोना। आशा न खोएं जब चीजें उस तरह से नहीं चलती जिस तरह से आपको विश्वास था कि यह होगा। सच के प्रति विश्वास को रखना, हमदर्दी दिखाना है उस बात पर जो मसीह यीशु ने हमारे स्थान पर किया है। विश्वास करना उन विषयों को ग्रहण करना है जो क्रूस पर हमारे लिए प्रभु यीशु ने किया। याद रखना, हम अपने हृदयों में विश्वास करते हैं और अपने मुंह से जो कुछ मानते हैं, उसका अंगीकार करते हैं।
आज, अगर कोई ऐसी चीज है जिससे आप जूझ रहे हैं, तो मेरी एकमात्र सलाह है, खुद से प्रयास और कोशिश करना बंद करो। आपकी चिंता से आपको कोई लाभ नहीं होगा। अपने विचारों को इकट्ठा करें और सोचें उस बात के बारे में कि आप परमेश्वर के राज्य में बेटे और बेटी के रूप में कौन हैं और जो कुछ आपके पिता ने आपको दिया है।
यह करें- परमेश्वर से जो कुछ मिला है मसीह यीशु में विरासत की रूप में, उन विषयो के बारे में सोचते हुए सांस अंदर लें और सांस छोड़ते हुए उन सब विषयो को बोलें। एक दो बार ऐसा करें और देखें आपके मन में कितना अच्छा लगेगा आपको। परमेश्वर तुम्हारे लिए है, वह तुमसे प्यार करता है।
यदि आप इस ब्लॉग से आशीषित हुए तो आप इसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर शेयर कर सकते हैं। मैं आपका आभारी हूं। आप इंस्टाग्राम, फेसबुक पर मुझसे जुड़ सकते हैं और अपनी गवाही शेयर कर सकते हैं। मैं आपसे सुनना पसंद करूँगा। इन ब्लॉग को अपने मेल पर प्राप्त करने के लिए साइन अप करना न भूलें। याद रखें आप परमेश्वर द्वारा प्रेम किये गए हैं। मैं भी आपसे प्यार करता हूँ। परमेश्वर इस ब्लॉग के पढ़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति को आशीष दे।