जब आदम ने शेर या और किसी जानवर को देखा तो उसको यह समझना या परखना था कि परमेश्वर का उद्देश्य उस जानवर से क्या था और जो कुछ भी वह देखकर समझ सकता था, उसने उसे बोलकर उसकी घोषणा की। दूसरे शब्दों में आदम ने जो कुछ भी उस जीव में परमेश्वर को करते हुए देखा, उसने उसे वचन देकर उसकी घोषणा की और ऐसा ही हुआ।
तो यहाँ कुंजी यह है कि भविष्यद्वाणी में यह देखना (समझना, परखना) महत्वपूर्ण है कि प्रभु अनदेखे में क्या कर रहा है ताकि हम उसके साथ मिलकर वर्तमान में उसकी भविष्यवाणी कर सकें।
