मैं जानता हूँ कि मुझको यहां कुछ पोस्ट किए हुए कुछ समय हो गया है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से मुझे यह आभास होने लगा कि मुझे भविष्यवाणी में बढ़ने के विषय में सिखाना चाहिए। भविष्यवाणी के एक समाज को तैयार करना मेरी इच्छा है और सौभाग्य भी। यह कितनी सुंदर बात है कि हर कोई भविष्यवाणी कर सकता है, और शायद आप करते भी होंगे लेकिन शायद आप अभी तक अनजान थे। आज मैं आपको सिखाऊंगा कि भविष्यवाणी को कैसे रोज़मर्रा जीवन में उपयोग कर सकते है और अभ्यास करने के द्वारा आप और अधिक कैसे इसमें बढ़ सकते हैं।
भविष्यवाणी के लोग कहलाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम पवित्र आत्मा के बहाव को समझना सीखें और उसके द्वारा चलना सीखें। ध्यान दो मैंने अभी क्या कहा? हाँ अनुग्रह से हमने प्रभु यीशु के द्वारा सब कुछ ग्रहण किया है लेकिन अब यह हमारा काम है कि अभ्यास करके उन वरदानो और क्षमताओं में बढ़ें जो प्रभु ने हमें दिया है। जितना अधिक जानबूझकर आप अभ्यास करोगे, आप उतने ही बेहतर होते जाओगे।
मज़ेदार बात बताता हूँ। क्या आप जानते हैं कि भविष्यवाणी करने वाले लोग स्तुति और आराधना करने वाले लोग होते हैं? स्तुति वातावरण को खोल देती है और शुद्ध करती है और जैसे ही हम परमेश्वर की आराधना करना शुरू करते हैं, हम अपने बीच में उनका सिंहासन स्थापित करते हैं।
लेकिन एक बार फिर मैं मुख्य बिंदु पर प्रकाश डालना चाहूंगा, कि भविष्यद्वाणी में बढ़ने के लिए यह देखना बहुत महत्वपूर्ण है कि परमेश्वर पहले से क्या कर रहा है और उसको बोलकर घोषित करें।
उत्पत्ति 1 में हम बार-बार पाते हैं कि परमेश्वर ने कहा और ऐसा ही हुआ और फिर उसने देखा और यह कहा कि यह अच्छा है। लेकिन आदम को बनाने के बाद, उत्पत्ति 2:19 में प्रभु मैदान के सभी जानवरों और हवा के पक्षियों को आदम के पास ले आया ताकि वह देख सके कि वह उन्हें क्या बुलाएगा। फिर से पढ़ो- आदम के पास ले आया ताकि वह देख सके कि वह उन्हें क्या बुलाएगा। और जो कुछ उसने उन्हें बुलाया, वही उसका नाम था।
अब मैं इसे आपके लिए और सरल बनता हूँ। यहाँ ध्यान देने योग्य दो बहुत महत्वपूर्ण शब्द हैं-
1. देखें- (इब्रानियों में रा-आह- जिसका अर्थ है- समझना, जांचना, परखना, ध्यान से देखना)
2. पुकारना- (घोषणा करना, जोर से पुकारना)
अब मैं इसे समझाता हूँ। जब आदम ने शेर या और किसी जानवर को देखा तो उसको यह समझना या परखना था कि परमेश्वर का उद्देश्य उस जानवर से क्या था और जो कुछ भी वह देखकर समझ सकता था, उसने उसे बोलकर उसकी घोषणा की। दूसरे शब्दों में आदम ने जो कुछ भी उस जीव में परमेश्वर को करते हुए देखा, उसने उसे वचन देकर उसकी घोषणा की और ऐसा ही हुआ।
तो यहाँ कुंजी यह है कि भविष्यद्वाणी में यह देखना (समझना, परखना) महत्वपूर्ण है कि प्रभु अनदेखे में क्या कर रहा है ताकि हम उसके साथ मिलकर वर्तमान में उसकी भविष्यवाणी कर सकें।
हमेशा याद रखें, भविष्यवाणी करते समय अपनी राय कभी न दें बल्कि सुनें कि प्रभु क्या कह रहा है और बोलें।
एक और महत्वपूर्ण पहलू जिसे हम नज़रअंदाज़ करते हैं, वह इफिसियों 4:29 में पाया जाता है, जहाँ पौलुस लिखता है, “तुम्हारे मुँह से कोई भ्रष्ट (सूखी, बेकार) बात न निकले। क्यों? क्योंकि यीशु ने कहा था कि तुम्हारे मुंह से जीवन के जल की नदियां बहेंगी (यूहन्ना 7:37 -39)। इसलिए जब हम देखना परखना शुरू करते हैं कि प्रभु क्या कर रहा है और इसे बोलना और इसकी घोषणा करना शुरू करते हैं तो हम चंगाई की नदियों, प्रेम, आनंद, शांति और एकता की नदियों को रिलीज़ करना शुरू करते हैं। और यह माहौल को पूरी तरह से बदल देता है। वह स्थान जहाँ बीमार लोग थे, वो ठीक होने लगते हैं, या जहाँ दुःख और उदासी थी, वहाँ अचानक आनंद आ जाता है। प्रिय मित्रों, हमारे शब्दों में विषयों को बनाने और बदलने की शक्ति है।
ग्राहम कुक कहते हैं, ‘हमारी सामान्य बातचीत पवित्र आत्मा को प्रकट करती है कि क्या हम किसी असाधारण बात को लेकर भरोसे के योग्य है या नहीं’। ऐसे शब्द बोलें जो लोगों का निर्माण और उन्नति करें।
अंत में, मैं आपको याद दिलाते हुए अपनी बात समाप्त करता हूं कि हमेशा मूसा की तरह प्रभु के मार्गों की खोज करें। तब ही हम ईश्वरीय दृष्टिकोण को देखना शुरू करते हैं और हम वही करते हैं जो प्रभु चाहता है कि हम करें। आज, मेरे साथ यह प्रार्थना करें, “प्रिय पवित्र आत्मा, मेरी सहायता करो और मुझे सिखाओ कि मैं आपके बहाव को समझू। मुझे आपके निर्देशों का पालन करने में मदद करें कि मैं हमेशा आपके नेतृत्व में रह सकूं, आमीन”।
मैं आने वाले दिनों में भविष्यद्वाणी में बढ़ने के विषय को जारी रखना चाहता हूं। यदि आपके कुछ प्रश्न हैं, या कोई विषय है जिस पर आप चाहते हो कि मैं लिखू, तो बेझिझक मेरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुझसे संपर्क करें या मेरी वेबसाइट के माध्यम से एक ईमेल भेजें और मैं निश्चित रूप से आपको उत्तर दूंगा। मुझसे भविष्यवाणी के बारे में सवाल पूछने के लिए स्वतंत्र महसूस करें और मुझे जवाब देना अच्छा लगेगा।
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